“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चौथे भारत ऊर्जा मंच सेरावीक में उद्घाटन भाषण दिया। फोरम के इस संस्करण की...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नीति आयोग तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में प्रमुख...
Read moreDetailsभारत और इंडोनेशिया के बीच कोयले के बारे में 5वें संयुक्त कार्यदल (जेडब्ल्यूजी) की बैठक 5 नवंबर 2020 को आयोजित होगी। इस बैठक की मेज़बानी...
Read moreDetailsजल जीवन मिशन ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के साथ साझेदारी में गांव स्तर पर लगाने के लिए 'स्मार्ट...
Read moreDetailsपांच राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित भारत के 8 समुद्र तटों को “ब्ल्यू फ्लैग” प्रमाण पत्र से...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कनाडा में इन्वेस्ट इंडिया कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। प्रधानमंत्री...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और जापान के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री श्री बेंजामिन नेतन्याहू से आज फोन पर बात की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र...
Read moreDetailsभारतीय नौसेना (आईएन) और बांग्लादेश नौसेना (बीएन) के द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'बोंगोसागर' का दूसरा संस्करण 03 अक्टूबर, 2020 को बंगाल की उत्तरी खाड़ी में शुरू हो रहा है। बोंगोसागर नौसैनिक अभ्यास का पहला संस्करण 2019 में आयोजित किया गया था, इसका उद्देश्य समुद्री अभ्यास और संचालन के एक व्यापक स्पेक्ट्रम के माध्यम से जंगी कार्रवाई का अंतर और संयुक्त परिचालन कौशल विकसित करना है। बोंगोसागर नौसैनिक अभ्यास के इस सत्र में दोनों नौसेनाओं के पोत इस दौरान सतह युद्ध अभ्यास, नाविक कला विकास और हेलीकॉप्टर संचालन का अभ्यास करेंगे। इसके अतिरिक्त 4 से 5 अक्टूबर 2020 तक बंगाल की उत्तरी खाड़ी में भारतीय नौसेना और बांग्लादेश नौसेना संयुक्त गश्ती (कॉर्पेट) के तीसरे सत्र में भी हिस्सा लेगी, जिसमें दोनों नौसेना इकाइयां अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) के साथ संयुक्त रूप से गश्त करेंगी। संयुक्त गश्ती करने से दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ को बेहतर हुई है और गैरकानूनी गतिविधियों के संचालन को रोकने के उपायों को लागू करने में तत्परता दिखाई गई है। भारतीय नौसेना की तरफ़ से स्वदेशी तौर पर निर्मित एंटी-सबमरीन वारफेयर कार्वेट पोत (आईएनएस) किल्टान और स्वदेश में ही निर्मित गाइडेड-मिसाइल कार्वेट आईएनएस खुखरी इसमें भाग ले रहे हैं। वहीं बांग्लादेश नौसेना का पोत (बीएनएस) अबू बक्र गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट और बीएनएस प्रेटॉय गाइडेड-मिसाइल कार्वेट अभ्यास में शामिल हो रहे हैं। इन पोतों के अलावा दोनों नौसेनाओं के मेरीटाइम पैट्रोल एयरक्राफ्ट और इंटीग्रल हेलीकॉप्टर (एस) भी अभ्यास में हिस्सा लेंगे। भारत और बांग्लादेश के बीच गतिविधियों और अंतःक्रियाओं की एक विस्तृत श्रृंखला रही है, जिससे दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संबंध हैं और ये साल दर साल और मज़बूत होते रहे हैं। इसके अतिरिक्त भारत और बांग्लादेश की जनता घनिष्ठ सांस्कृतिक बंधन तथा लोकतांत्रिक समाज की साझा दृष्टि और नियमों पर आधारित आदेश भी साझा करती है। इस वर्ष बोंगोसागर नौसैनिक अभ्यास का यह संस्करण बहुत अधिक महत्व रखता है क्यूंकि यह बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती मुजीब बारशो के मौके आयोजित हो रहा है। बोंगोसागर तथा भारतीय नौसेना और बांग्लादेश नौसेना संयुक्त गश्ती (कॉर्पेट) को तीन दिनों में शुरू किया जाएगा और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सागर (सुरक्षा और क्षेत्र में सभी के लिए विकास) के दृष्टिकोण के एक हिस्से के रूप में भारतीय नौसेना बांग्लादेशी नौसेना को प्राथमिकता देती है।
Read moreDetailsपिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान द्वारा भारतीय सेना के खिलाफ और विशेष रूप से सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) में तैनात...
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