रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) ने शनिवार को ओडिशा के बालासोर फायरिंग रेंज में होम-एडवांस्ड आर्टिलरी गन सिस्टम हॉवित्जर तोप का सफल परीक्षण किया। यह टॉर 48 किलोमीटर तक निशाना साध सकता है। वर्तमान में, भारतीय सेना को 1800 तोपों की तोपों की आवश्यकता है। DRDO के अनुसार, ये तोपें जरूरत को पूरा कर सकती हैं। उसके बाद, विदेशों से तोपों को आयात करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रधान मंत्री मोदी ने देश के लोगों पर कोरो अवधि के दौरान आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। रक्षा मंत्रालय स्वदेशी हथियार बनाकर आत्मनिर्भर बन रहा है। सीडीएस बिपिन रावत ने यह भी कहा कि भविष्य का युद्ध केवल स्वदेशी हथियारों से लड़ा जाएगा और जीता जाएगा।
एएनआई के अनुसार DRDO के ATAGS परियोजना निदेशक शेलेंद्र वी गडे ने कहा, “होवित्जर दुनिया की सबसे अच्छी तोप है।” अभी तक किसी अन्य देश के पास ऐसी तोप नहीं है। डीआरडीओ के वैज्ञानिक का कहना है कि तोपखाने के कारण भारतीय सेना को सबसे अधिक ताकत मिली है। तोप भारतीय सेना की 1800 तोपखाने प्रणाली की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है।
शैलेंद्र वी। गाधे ने कहा कि इसे तीन साल के भीतर डिजाइन किया गया था और परीक्षण के लिए रखा गया था। इसे जल्द ही PSQR परीक्षणों के अधीन किया जाएगा। हमने इस तोप का परीक्षण सिक्किम में चीन सीमा के पास और पोखरण में पाकिस्तान सीमा के पास किया है। परीक्षण के दौरान 2,000 से अधिक फायर कीए थे।





















