- हार्टफुलनेस 5 से 15 वर्ष के छात्रों के लिए भगवद् गीता पर आधारित गीतोपदेश पाठ्यक्रम की शुरूआत कर रहा है जो समझने, आत्मसात करने और लागू करने में आसान हैं और मूल्य-आधारित शिक्षा को मन में बैठा देता है
| Gitopadesh – Key Details |
| 1. Students between 5- 15 years can participate 2. Participants who clear the program will receive certification 3. Starting 9th May, 2021 What – · 75 Minute Classes – 3 times a week for 6 months · 120 shlokas will be taught in 20 themes from 18 chapters of the Bhagwad Gita · Quiz and poster making after each class to ensure students have understood the teachings · Proctors as point of contact to ensure support · Can join live classes or self-paced |
हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट, जो कि हार्टफुलनेस संस्था का शैक्षणिक विभाग है, ने छात्रों के लिए भगवद् गीता की प्राचीन शिक्षा को जीवंत करने के लिए गीतोपदेश कार्यक्रम की शुरुआत की है। हार्टफुलनेस द्वारा प्रस्तुत गीतोपदेश एक वर्चुअल पाठ्यक्रम है जिसका उद्देश्य भगवद् गीता के श्लोकों के माध्यम से संस्कृत सीखने में सक्षम बनाना और इसकी शिक्षाओं से जीवन भर के लिए अमूल्य सीख को आत्मसात करना है। इस पाठ्यक्रम में छात्रों को 120 श्लोकों की शिक्षा दी जाएगी जिन्हें गीता के 18 अध्यायों से लिए गए 20 विषयों से जोड़कर प्रतिचित्रण किया गया है। यह 5 वर्ष से 15 वर्ष के आयु वर्ग छात्रों के लिए 6-महीने का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम है। गीतोपदेश का शुभारंभ हार्टफुलनेस के वैश्विक गाइड श्री कमलेश डी पटेल (दाजी) ने किया और श्री नितीश भारद्वाज, प्रसिद्ध अभिनेता और पूर्व सांसद ने सम्मानित अतिथि के तौर के पर उद्घाटन समारोह को शोभायमान किया।
हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट ने संस्कृत भाषा और अपनी प्राचीन पांडुलिपियों के बारे में छात्रों को उत्साहित करने के लिए गीतोपदेश कार्यक्रम को प्रारंभ किया है। हार्टफुलनेस गीतोपदेश के माध्यम से पांडुलिपियों के कोष तक सिर्फ पहुँच ही उपलब्ध नहीं करा रहा है बल्कि अपनी भावी पीढ़ियों के लाभ के लिए प्राचीन परंपराओं और बुद्धिमत्ता को भी पुनर्जीवित कर रहा है।
उद्घाटन अवसर पर हार्टफुलनेस के वैश्विक गाइड श्री कमलेश डी पटेल ने कहा, “हमारी प्राचीन परम्पराएं और शास्त्र अपनी शिक्षाओं में शाश्वत हैं। चाहे योग का अभ्यास सीखना हो, ध्यान सीखना हो, एक भाषा के तौर पर संस्कृत सीखना हो अथवा भगवद् गीता जैसे अपने प्राचीन शास्त्र का अध्ययन करना हो। जब कि हम इतने भाग्यशाली हैं कि हमारे प्राचीन अभ्यासों और शास्त्रों में ऐसा व्यापक ज्ञान छिपा हुआ है, जो समय के साथ विलुप्त हो गया है और कुछ ही लोगों के द्वारा इनका अभ्यास किया जाता है। इस मंच के माध्यम से हम ज्ञान को सुलभ बना रहे हैं और अपनी भावी पीढ़ी के लिए बोधगम्य बना रहे हैं। उनके मस्तिष्क को संस्कृत शिक्षा में लगा कर, हम उम्मीद करते हैं कि उनमें अपने शास्त्रों से और अधिक सीखने तथा उनकी शिक्षाओं को ग्रहण करने की रुचि उत्पन्न होगी”।
पाठ्यक्रम में गीता के 18 अध्यायों से 20 विषयों को सम्मिलित किया गया है, जैसे कि अपनी आंतरिक क्षमता की खोज, अपनी मन की शक्ति पर प्रभुत्व बनाना, आदतों का निर्माण, संयम, भोजन के प्रति रवैया, और इसी प्रकार की अन्य चीजें जो कि छात्रों को एक मजबूत आधार के निर्माण में सहायता करती हैं।
विषयों का चुनाव प्रतिभागियों की कम उम्र को ध्यान में रखते हुए किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे विषय को आसानी से ग्रहण कर सकें। पाठ्यक्रम 75 मिनट की कक्षाओं में, सप्ताह में तीन बार 6 महीने तक संचालित होगा। उच्च शिक्षित प्रॉक्टर (हार्टफुलनेस संकाय) इन सत्रों का संचालन करेंगे और बुनियादी सहयोग के लिए माता पिता के सम्पर्क में रहेंगे। प्रॉक्टर छात्रों के प्रश्नों और सन्देह के निवारण में सहायता करेंगे। छात्र पाठ्यक्रम की शिक्षाओं को आत्मसात कर रहे हैं यह सुनिश्चित करने के लिए और प्रतिभागियों में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए गीतोपदेश में प्रश्नोत्तर तथा पोस्टर- निर्माण के कार्यों का भी समावेश किया गया है। हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट ने गीतोपदेश को इस प्रकार से तैयार किया है कि प्रत्येक प्रतिभागी शिक्षाओं को ग्रहण कर सके और श्लोकों का सही उच्चारण भी कर सके। प्रत्येक कक्षा में एक विशेष विषय पर श्लोक की शिक्षा दी जाएगी, जैसे कि आदतों का निर्माण। मुख्य प्रशिक्षक श्लोक पढ़ेगा, उसके बाद शब्द दर शब्द श्लोक की व्याख्या की जाएगी और उसका अर्थ बताया जाएगा। मुख्य प्रशिक्षक छात्रों को श्लोक समझाने के लिए शास्त्र से उद्धृत कहानियाँ भी सुनाएंगे। इसके बाद सत्र में अवकाश होगा जिसमें छात्र श्लोक पढ़ेंगे और अभ्यास करेंगे। छात्र मुख्य प्रशिक्षक को श्लोक सुनाएंगे और उच्चारण के बारे में फीडबैक प्राप्त करेंगे। प्रत्येक सत्र के पश्चात, छात्र प्रश्नोत्तर में भाग लेंगे और सत्र की शिक्षाओं को अभिव्यक्त करने के लिए पोस्टर बनाएंगे। गीतोपदेश के अतिरिक्त, हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट बच्चों के लिए अन्य कार्यक्रम की पेशकश भी करता है, जैसे ब्राइटर माइंड्स, जो कि बच्चों को संज्ञानात्मक मस्तिष्क प्रशिक्षण प्रदान करता है; और वैदिक गणित, जो कि प्राचीन भारत की गणित प्रणाली को सिखाने का कार्यक्रम है। इच्छुक छात्र तथा माता-पिता पंजीकरण के विवरण तथा अन्य जानकारी के लिए https://heartfulness.org/education/gita-courses/ पर देख सकते हैं। हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट (HET) के बारे में देश में बच्चों और युवाओं की शिक्षा और प्रशिक्षण की पुनः —कल्पना के दृष्टिगत शिक्षण और प्रशिक्षण तथा कोचिंग पद्धतियों में ‘हृदय’ के समावेश को लेकर इसकी परिकल्पना की गई थी। हमारे कार्यक्रम और पहल पूरे देश में 20,000 से अधिक स्कूलों, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के द्वारा अपनाए जा रहे हैं। हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों को शैक्षणिक नेतृत्व और प्रशासकों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों तथा छात्रों के लिए शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए एक ‘हृदय केन्द्रित’ दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। यह आंतरिक रूपांतरण के लिए अनंत संभावनाओं को प्रस्तुत करने के द्वारा शिक्षा को अधिक आनंदपूर्ण, अनुभवात्मक, प्रेरक और सक्षम बनाता है। हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट https://heartfulness.org/education / पर आइए।





















