तेरी बंदगी में ऐसा मुकाम आए खुदा तेरे लबों पे मेरा नाम आए सुबह हुई जीवन की तेरे ही नाम से तेरे नाम से ही आखिरी शाम आए तुझको ही अर्पण किया है जीवन बता कैसे जिएं जो तेरे काम आए चाहता हूं मिल जाए दौलत दिलकी साथ है ऐसे एहसास का पैगाम आए ~ दीपेश शाह