सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में हाल में हुए बलात्कार के मामलों पर स्वतः संज्ञान लिया। इनमें 21 सितंबर को कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी से कथित सामूहिक बलात्कार और चलती स्लीपर बस में एक नाबालिग से कथित सामूहिक बलात्कार का मामला शामिल है। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इसे कानून लागू करने वाली एजेंसियों की “व्यवस्थागत विफलता” कहा। पीठ ने 2012 के निर्भया मामले से “दर्दनाक समानताएं” बताते हुए जवाबदेही तय करने की बात कही।




















