“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कंटेनमेंट (सील) जोन के बाहर के क्षेत्रों में कई और गतिविधियों को फिर से खोलने के...
एक बेहतर पर्यटन विकल्प के रूप में बढ़ते शहर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, जबलपुर हवाई अड्डे पर...
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री डी.वी.सदानंद गौड़ा ने कहा है कि ऐसे समय में जबकि सरकार घरेलू उत्पादन को...
आयुष मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय नेचुरोपैथी संस्थान, पुणे महात्मा गांधी की 150वीं जयंती महोत्सव के उपलक्ष में 2 अक्टूबर, 2020...
उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज एक स्वस्थ शरीर एवं स्वस्थ मन के महत्व पर जोर देते हुए कहा...
एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा अपना गया रुख और दिए गए बयान दुर्भाग्यपूर्ण, अतिश्योक्तिपूर्ण और सच्चाई से परे हैं। मामले से...
लद्दाख के ठंडे, शुष्क रेगिस्तान में, समुद्र तल से 4500 मीटर ऊपर, दो दशकों से, भारतीय खगोलीय वेधशाला (आईएओ) में 2 मीटर चौड़ाई वाला ऑप्टिकल...
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार,29 सितंबर 2020 को सुबह 11 बजे “नमामि गंगे मिशन” के तहत उत्तराखंड में छह मेगा परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से...
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भारतीय सैन्य अकादमी के देहरादून परिसरों को जोड़ने वाले अंडरपास के निर्माण की आधारशिला रखी। समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि, यह आश्चर्यजनक है कि इन अंडरपास के निर्माण के लिए हरी झंडी मिलने में 40 साल लग गए जिससे अकादमी के तीनों परिसरों में निर्बाध आवाजाही हो सकेगी। अब तक प्रशिक्षु कैडेटों को एक तरफ से दूसरी तरफ आने-जाने में यह एक बड़ी बाधा होती रही है, जो अब दूर हो जाएगी। यहाँ आईएमए कैडेट्स की गतिविधियों के दौरान स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी खड़ी हो जाती है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की जनसंख्या में लगातार वृद्धि होने के साथ ही, यातायात की आवाजाही भी काफ़ी बढ़ गई है जिससे लगातार ट्रैफ़िक जाम होता रहता है। इस अंडरपास के निर्माण से राष्ट्रीय राजमार्ग-72 पर यातायात का आवागमन भी आसान हो जाएगा। इस अंडरपास से देहरादून के लोगों के अलावा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के अन्य हिस्सों की जनता को भी बहुत फायदा मिलेगा। अंडरपास का प्रस्ताव अक्टूबर, 1978 में जनरल कैडेट्स की सुरक्षा और देहरादून के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया था। हालांकि, स्वामित्व और वित्तपोषण के विभिन्न मुद्दों के कारण परियोजना पर काम शुरू नहीं हो सका। 7 दिसंबर, 2019 को पासिंग आउट परेड के दौरान, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने अंडरपास के निर्माण के लिए 45...
1970 में, मेरे पिता यश चोपड़ा ने अपने भाई श्री. बी.आर. चोपड़ा की छत्र-छाया की सुरक्षा को त्याग कर अपनी ख़ुद...
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