“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
देश में यौनकर्मियों की सबसे पुरानी सामूहिक संस्था दरबार महिला समन्वय समिति (डीएमएससी) ने कोविड-19 की वजह से यौनकर्मियों के...
Read moreDetailsमीडिया के कुछ वर्गों में यह कहा गया है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर संसद सदस्य श्री शरद पवार...
Read moreDetailsभारतीय रेलवे ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत 18 सितम्बर 2020 तक छह राज्यों में नौ लाख 79 हजार 557 दिहाड़ी रोजगार प्रदान किये हैं। ये राज्य हैं- बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश। रेल तथा वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल इस योजना के तहत इन परियोजनाओं की प्रगति और इन राज्यों के प्रवासी मजदूरों के लिए काम के अवसरों की प्रगति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। इन राज्यों में लगभग 164 रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। 18 सितंबर 2020 तक 12 हज़ार 276 श्रमिकों को इस अभियान से जोड़ा गया है और ठेकेदारों को कार्यान्वित की जा रही परियोजनाओं के लिए 2056.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। रेलवे ने प्रत्येक जिले के साथ-साथ राज्यों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं ताकि राज्य सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित हो सके। रेलवे ने कई ऐसे कार्यों की पहचान की है जिन्हें इस योजना के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है। ये कार्य इस प्रकार से हैं:...
Read moreDetailsराष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए...
Read moreDetailsसरकार ने मुखौटा (शेल) कंपनियों की पहचान करने और इन्हें बंद करने (कंपनी रजिस्टर से नाम हटाना) के लिए एक...
Read moreDetailsपोषण अभियान के तहत कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए आज नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय और महिला एवं बाल...
Read moreDetailsकेंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस बात पर चिंता जताई है कि जम्मू में कोविड के बाद स्वस्थ होने...
Read moreDetailsराष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य समावेशी और उत्कृष्टता के दोहरे उद्देश्यों को प्राप्त करके 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करना है। यह सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके एक समतामूलक और जीवंत ज्ञानवान समाज विकसित करने का दृष्टिकोण निर्धारित करती है। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने उच्च शिक्षा में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन' पर आगंतुकों के सम्मेलन के उद्घाटन संबोधन में आज यह बात कही। राष्ट्रपति ने नई शिक्षा नीति तैयार करने वाले शिक्षा मंत्रालय तथा डॉ. कस्तूरीरंगन और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। श्री कोविंद ने उल्लेख किया कि, 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 12,500 से अधिक स्थानीय निकायों और लगभग 675 जिलों की व्यापक भागीदारी तथा दो लाख से अधिक सुझावों पर विचार के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार की गई है जो कि जमीनी स्तर की सोच और समझ को दर्शाता है। उच्च शिक्षा संस्थानों को प्रोत्साहित करते हुए, राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इन संस्थाओं पर भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की अधिक जिम्मेदारी है। इनके द्वारा स्थापित मानदण्डों के रूप में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन अन्य संस्थानों द्वारा किया जाएगा। राष्ट्रपति ने जोर दिया कि नई नीति के बुनियादी सिद्धांतों में तार्किक निर्णय लेने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए रचनात्मकता तथा महत्वपूर्ण सोच शामिल है। उन्होंने शिक्षक और छात्र के बीच मुक्त संचार तथा चर्चा की अवधारणा को दोहराते हुए भगवद गीता और कृष्ण-अर्जुन संवाद से प्रेरणा लेने के महत्व को भी रेखांकित किया। श्री कोविंद ने कहा कि नई शिक्षा नीति महत्वपूर्ण सोच और अनुसंधान करने की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास भी करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों के समय पर रहे ऐतिहासिक भारतीय गौरव के एक बार फिर से पुनर्स्थापित होने की संभावना है। राष्ट्रपति कोविंद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहा कि यह अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट प्रणाली को भी पेश करेगी। इससे विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों से अर्जित शैक्षणिक क्रेडिट डिजिटल रूप से संग्रहीत होगा ताकि छात्रों द्वारा अर्जित क्रेडिट को ध्यान में रखते हुए डिग्री प्रदान की जा सके। इसके अतिरिक्त छात्रों को उपयुक्त निकास और पुन: प्रवेश लेने के लचीलेपन के साथ-साथ उनकी पेशेवर, व्यावसायिक या बौद्धिक आवश्यकताओं के अनुसार उन्हें पाठ्यक्रम चुनने की स्वतंत्रता भी मिलेगी। श्री कोविंद ने कहा कि इस नीति में बी.एड,...
Read moreDetailsशिक्षा मंत्रालय ने शिक्षक पर्व के तहत नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) की प्रमुख विशेषताओं को उभारने के लिए यूजीसी...
Read moreDetailsउपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, नेल्लोर जिले में रबी सीज़न में धान ख़रीद का लक्ष्य बढ़ाकर कुल 34.8 लाख मीट्रिक टन करने...
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