“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
कोयला मंत्रालय के सचिव श्री अनिल जैन ने कहा, "कोयला क्षेत्र में ज्ञान और शोध कार्य के प्रसार और प्रोत्साहन...
Read moreDetailsसौहार्द, टीम भावना, शारीरिक एवं मानसिक साहस के गुणों को उत्पन्न करने के उद्देश्य से, भारतीय वायुसेना द्वारा हमेशा से ही अपने कर्मियों...
Read moreDetailsकेंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, इनके बचपन को बचाना तथा इनके विकास के लिए उचित कदम उठाकर इन्हें सशक्त बनाना हमारी जिम्मेदारी है। आज हम देश के बच्चों के लिए सजगता से कार्य करते हुए अपने देश के लिए कल के आत्मनिर्भर युवाओं का निर्माण करने में सक्षम हो पायेंगे। श्री गंगवार ने गुरुवार...
Read moreDetailsकार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर क्षेत्र और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की यात्रा करने के लिए...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री श्री राम विलास पासवान के निधन पर दुख जताया है। सिलसिलेवार ट्वीट में...
Read moreDetailsकेंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से "मानसिक स्वास्थ्य: कोविड-19 से आगे एक दृष्टि" विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। ऑस्ट्रेलिया-इंडिया संस्थान के प्रोफेसर क्रेग जेफरी ने इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। उद्घाटन भाषण देते हुए, श्री थावरचंद गहलोत ने दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य चिंताओं की बढ़ती प्रवृत्ति पर अपनी चिंता व्यक्त की। साथ ही उन्होंने भारत सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों के समाधान के लिए की गई हालिया पहलों जैसे कि मध्य प्रदेश के सीहोर में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान की स्थापना और 'किरण' मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग- डीईपीडब्ल्यूडी की सचिव श्रीमती शकुंतला डी गैमलिन ने सम्मेलन के महत्व पर व्यापक दृष्टिकोण रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की बढ़ती घटनाओं के समाधान के लिए चिंतन करने की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी का एक बेहतर मनोसामाजिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ा है और इससे दुनिया भर में बीमारी का बोझ बढ़ने की संभावना है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त सचिव डॉ प्रबोध सेठ ने सम्मेलन का संचालन किया और देश में अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस सम्मेलन में पाँच तकनीकी सत्र थे जिनमें कुछ प्रमुख मुद्दों पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। इन प्रमुख मुद्दों में अग्रिम पंक्ति के गैर-स्वास्थ्य कर्मियों के तनाव प्रबंधन; बहुसांस्कृतिक मानसिक स्वास्थ्य; मानसिक स्वास्थ्य को बरकरार रखने: घर से काम करने; भारत में आत्महत्या और उससे संबद्ध मीडिया रिपोर्टिंग; भारत और ऑस्ट्रेलिया में मानसिक स्वास्थ्य तथा मानवाधिकार; दिव्यांगता आदि से पीड़ित लोगों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लचीलापन बनाने के उपकरण और बाल विकास तथा शिक्षा के लिए नई शिक्षा नीति में सन्निहित दृष्टिकोण इत्यादि शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त श्री बैरी ओ'फ्रेल ने ऑस्ट्रेलिया में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति का व्यापक विवरण दिया। उन्होंने संबंधित संस्थानों के माध्यम से दोनों सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से पहल करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाने सहित पुनर्वास क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके।...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कनाडा में इन्वेस्ट इंडिया कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। प्रधानमंत्री...
Read moreDetailsकेंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री श्री रामविलास पासवान के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और जापान के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में...
Read moreDetailsकेंद्रीय कपड़ा एवं महिला तथा बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने 7 अक्टूबर, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये...
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