“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री आर के सिंह, ने आज...
Read moreDetailsकेन्द्रीय बिजली, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर.के. सिंह ने वर्चुअल कार्यक्रम के जरिये बिहार के सहरसा...
Read moreDetailsसुश्री दिगंतिका बोस, बर्दवान स्थित मेमारी में वी एम इंस्टीट्यूशन यूनिट II में बारहवीं कक्षा में पढ़ती हैं। लेकिन वह अपनी शुरुआती जीवन से ही थॉमस अल्वा एडिसन के उस सिद्धांत से बहुत प्रभावित हैं। जिसमें उन्होंने कहा था कि आविष्कार करने के लिए, आपको एक अच्छी कल्पना और ढेर सारे कबाड़ की जरूरत है। इस कहावत के अनुसार कि, आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है, दिगंतिका ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आम लोगों की बड़ी परेशानी महसूस की। उसके बाद दिगंतिका ने हवा प्रदान करने और वायरस को नष्ट करने वाला मास्क प्रस्तुत किया, जिसे भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अत्यधिक सराहा है। इसी तरह से आईआईटी खड़गपुर ने शैक्षिक संस्थानों के लिए ई-कक्षा कम बैंडविड्थ सॉफ्टवेयर दीकशक तैयार किया है। इसके माध्यम से कोई भी शिक्षक उस चैट बॉक्स पर प्रश्नों को लाइव देखने में सक्षम होता है, जहां प्रत्येक छात्र अपने प्रश्नों को भेज सकता है। वहां कोई भी शिक्षक अपनी शिक्षण सामग्री के साथ-साथ स्क्रीन पर भी ध्यान केंद्रित कर सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं छात्रों के पास एक डाउट बॉक्स का भी एक्सेस होता है, जहां वे "अपने हाथों को ऊपर उठाने" के लिए क्लिक कर सकते हैं और शिक्षक से बात करने के लिए प्रतीक्षा कर सकते हैं, जैसा कि किसी भी वास्तविक कक्षा में किया जा सकता है। शिक्षक इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से छात्रों के साथ कोई भी दस्तावेज़ साझा कर सकते हैं और वे उसी समय नोट्स भी अपडेट कर सकते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत योजना के एक भाग के रूप में पत्र सूचना कार्यालय और क्षेत्रीय आउटरीच ब्यूरो चुचुरा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक वेबिनार में इससे सम्बंधित कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें भाग लेने वालों में आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर वी के तिवारी, सीएसआईआर-सीएमईआरआई दुर्गापुर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. हरीश हिरानी, बिड़ला औद्योगिक और प्रौद्योगिकी संग्रहालय के निदेशक श्री वी.एस. रामचंद्रन, और जेआईएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग कल्याणी के ईसीई विभाग प्रमुख एसोसिएट प्रोफेसर डॉ बिस्वरूप नेगी शामिल थे। इन सबके अलावा सुश्री दिगंतिका बोस ने भी इसमें हिस्सा लिया। इस मौके पर प्रोफेसर तिवारी ने देश के सीमांत लोगों के लिए सस्ती कीमत पर कोविड-19 संक्रमण का पता लगाने के लिए अपने संस्थान में बनाये गए पोर्टेबल रैपिड डायग्नोस्टिक डिवाइस के आविष्कार की जानकारी दी। वहीँ प्रोफेसर डॉ. हिरानी के अनुसार, सीएसआईआर-सीएमईआरआई दुर्गापुर न केवल कम लागत वाले बल्कि उच्च दक्षता वाले तीन-स्तरीय फेसमास्क बनाए हैं। इसके अतिरिक्त सड़क को साफ़ करने वाले ट्रैक्टर, मैकेनिकल वेंटिलेटर, साबुन, सैनिटाइजर और डिस्पेंसर, अस्पताल सहायक रोबोट, सौर-आधारित इंटेलीमैस्ट, 360 डिग्री कार फ्लशर और ड्राई फॉगिंग जूता कीटाणुनाशक भी विकसित किए गए हैं। इन सब के बाद मानवीय मैला धोने की प्रथा से बचने तथा उच्च मानकों को बनाए रखते हुए अपशिष्ट जल के निस्तारण में मदद के लिए यंत्रीकृत सीवेज सफाई प्रणाली विकसित की गई है। श्री रामचंद्रन ने ऑनलाइन टिकटिंग और एंट्री सिस्टम, अल्कोहल-फ्री और आयुर्वेदिक प्रवेश मार्ग, प्रदर्शनी के स्पर्श रहित कार्यान्वयन, यूवी आधारित उत्पाद प्रक्षालक, वर्चुअल दौरे और कक्षाएं, भीड़ नियंत्रण के लिए छवि प्रसंस्करण तथा मानव गति-आधारित से संबंधित अपने तकनीकी हस्तक्षेप और सैनिटाइजर डिस्पेंसर प्रस्तुत किए। वहीँ सुश्री बोस ने वायरस नष्ट करने वाले फेस मास्क के अलावा, मुखौटे और लोगों के उपयोग के लिए होममेड पारदर्शी फेस शील्ड, पुलिस के लिए दूरी निर्धारित करने का यन्त्र और कान के दबाव में कमी के उपकरण जैसे उनके नवाचारों को प्रदर्शित किया। डॉ. नेगी ने अपनी टीम द्वारा विकसित अल्कोहल से नष्ट होने वाले कोरोना वायरस दस्तानों का प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने मुद्रा और सिक्के के कीटाणुनाशक के अलावा रेनकोट को पीपीई किट में परिवर्तित करने की कार्यविधि और मास्क का निस्तारण करने के बारे में प्रस्तुति दी। अतिरिक्त महानिदेशक सूचना और प्रसारण मंत्रालय, सुश्री जेन नामचू भी इस वेबिनार में मौजूद थीं। वेबिनार का संचालन पत्र सूचना कार्यालय, कोलकाता की मीडिया और संचार अधिकारी श्रीमती श्रीजाता साहा साहू और फील्ड आउटरीच ब्यूरो, चुचुरा के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री संदीपन दास गुप्ता द्वारा किया गया था।
Read moreDetailsकारोबार शुरू करने में सुगमता के लिए सरकार राज्यों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर काम कर रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज एक वर्चुअल बातचीत के दौरान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान कारोबारी सुगमता के लिहाज से भारत की रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है। श्री गोयल ने भारत की विशाल क्षमता के बारे में बात करते हुए कहा कि भारत की वास्तविक बिक्री रणनीति उच्च गुणवत्ता, अच्छी सेवा और अच्छी कीमत पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'भारत को अपनी गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा के लिए दुनिया भर में पहचान बनानी चाहिए। गुणवत्ता को हमारे भविष्य की योजना का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। हम पारदर्शी कीमत, पारदर्शी व्यापार, मुक्त बाजार, कोई मूल्य नियंत्रण नहीं और न कोई छिपी हुई में भरोसा करते हैं।' आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के बारे में बताते हुए श्री गोयल ने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं जुड़ाव के लिए भारत के दरवाजे बंद करने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा, 'वास्तव में इसकी नजर वैश्विक व्यापार के साथ अधिक से अधिक तालमेल स्थापित करने पर है। अब भारत को उच्च गुणवत्ता वाले काफी प्रतिस्पर्धी उत्पादों के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ मजबूती से जुड़ना है।' उत्पादन के बाद बिक्री के लिए भारत के एक चर्चित और विशाल बाजार होने के बारे में मंत्री ने कहा, 'यह एक ऐसा बाजार है जिसके साथ दुनिया भर के कारोबारी जुड़ना चाहते हैं। कारोबारियों को भारत के रूप में न केवल एक बड़ा बाजार मिलेगा, बल्कि उसे वे बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए भी इसका लाभ उठा सकते हैं। दो देशों के बीच व्यापारिक संबंध उच्च पारस्परिकता और संतुलन पर आधारित होते हैं। अधिक से अधिक देश संतुलित व्यापार की ओर बढ़ रहे हैं। भारत को भी अपने व्यापारिक संबंधों का विस्तार करने के लिए अन्य देशों के साथ जुड़ना होगा लेकिन अपनी प्रतिस्पर्धा के बल पर।' उन्होंने कहा कि यदि अन्य देश 130 करोड़ भारतीयों के बाजार तक पहुंच चाहते हैं तो उन्हें भी अपने बाजार में हमें समान पहुंच प्रदान करनी होगी। भारत अनुचित व्यापार प्रथाओं का महज एक प्रापक नहीं बनने जा रहा है। मंत्री ने कहा कि भारत को पिछले एफटीए से लाभ नहीं हुआ था। उन्होंने कहा ऐतिहासिक गलती को हमारी पीढ़ी द्वारा सुधारना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत और निर्णायक नेतृत्व की सराहना करते हुए श्री गोयल ने कहा कि आरसीईपी सौदे पर हस्ताक्षर नहीं किए गए क्योंकि यह भारत की चिंता को उचित तरीके से दूर नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया तीन सच्चे लोकतंत्र, विश्वसनीय साझेदार और नियमों पर आधारित व्यापार में विश्वास रखने वाले देश हैं। तीनों देश हाल ही में आपूर्ति श्रृंखला पहल के लिए सहमत हुए हैं। मंत्री ने दलाई लामा का उल्लेख किया जिन्होंने कहा है, 'बदलने के लिए तैयार रहो लेकिन अपने मूल्यों को न खोने दो।' उन्होंने कहा कि यह वह भावना है जिसके साथ भारत बाकी दुनिया के साथ जुड़ना चाहता है। श्री गोयल ने कहा कि भारत अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे विकसित देशों के साथ एफटीए करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द से जल्द अमेरिका के साथ एक सीमित व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह सौदा देश के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि सभी आगामी व्यापार सौदे सभी हितधारकों के साथ चर्चा के बाद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डेयरी, कृषि, एमएसएमई एवं स्वदेशी विनिर्माताओं के हितों की उचित रक्षा की जाएगी। मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार तेजी से बढ़ रहा है और अमेरिका द्वारा जीएसपी को वापस लेने का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और आईआईएफटी के बीच सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए श्री गोयल ने आईआईएफटी के छात्रों से नए उत्पादों और निर्यात के क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने उन्हें अनुसंधान, विश्लेषण और डेटा तैयार करने के लिए कहा ताकि नीति निर्माता दुनिया की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीख सकें और भारत एवं उसके नागरिकों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने की भावना से काम कर सकें। उन्होंने कहा, 'हमारी व्यापार नीतियां छात्रों द्वारा बहस, चर्चा, समीक्षा, मीक्षा और विचार के लिए तैयार हैं। मुझे उम्मीद है कि आप सभी भारत की व्यापार नीति के भविष्य के बारे में विचार-विमर्श करेंगे और पता लगाएंगे कि कैसे हम कोविड वैश्विक महामारी से निपटते हुए बाहर आ सकते हैं। खिलौनों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के सवाल पर श्री गोयल ने कहा, 'हमने खिलौनों पर गुणवत्ता नियंत्रण का आदेश दिया है और बीआईएस ने कई मानक किए हैं। जैसे ही हम स्थानीय खिलौनों की गुणवत्ता बढ़ाएंगे और बड़े पैमाने पर उत्पादन करेंगे तो लोग स्वत: स्थानीय खिलौनों को पसंद करेंगे जो देश के हित में होगा।' उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग लगाने वालों की मदद कर रही है ताकि उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। इसमें क्लस्टर स्थापित करना, एंकर निवेशक आदि शामिल हैं। डिजिटल प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप द्वारा मनोरंजन के नए तरीके और नए खिलौने बनाने के साथ ही भारत किसी भी देश के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होगा। भारत के लचीलेपन के बारे में बात करते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारतीय निर्यात में हाल ही में तेजी दिखना हो गया है। उन्होंने कहा, 'लॉकडाउन और कोविड समस्याओं के बावजूद सितंबर के पहले सप्ताह में हमारा निर्यात पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक रहा।' उन्होंने कहा कि हमारे सेवाओं के निर्यात का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन अब हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वस्तुओं के निर्यात में भी बढ़ोतरी हो। मंत्री ने कहा कि घरेलू उत्पादन और वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों की पहचान की है और उन्हें बाधाओं को दूर करने में मदद के लिए सरकार उद्योग के साथ मिलकर काम कर रही है। भारतीय उद्योग के कठिन परिश्रम की प्रशंसा करते हुए श्री गोयल ने कहा कि केवल 5 महीनों में भारत पीपीई किट और मास्क के उत्पादन में आत्मनिर्भर हो गया। उन्होंने कहा कि भारत न केवल इन वस्तुओं में आत्मनिर्भर बन गया है वह बल्कि बड़ी संख्या में इनका निर्यात भी कर रहा है।
Read moreDetailsभारतीय एमएसएमई और स्टार्टअप्स में अनुसंधान और नवाचार को लागू करने के लिए अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोग ने आज...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक ने अवसरंचना निवेश न्यास मॉडल के...
Read moreDetailsभारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने आज यानी 8 सितंबर 2020 को वर्चुअल मंच पर रेल कनेक्ट का दूसरा संस्करण आयोजित किया। इस सम्मेलन में...
Read moreDetailsभारत के सबसे भरोसेमंद कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक ब्रांड सैमसंग ने अपनी बेहद लोकप्रिय कर्ड मास्ट्रो™ रेफ्रिजरेटर शृंखला के तहत आज चार नए...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘हाइपरसोनिक टेस्ट डिमॉन्स्ट्रेशन व्हीकल’ की सफल उड़ान के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) को...
Read moreDetailsजहाजरानी मंत्रालय ने सभी प्रमुख बंदरगाहों को उन्हीं कर्षण नावों (बड़े जहाजों को खींचने वाली मजबूत नाव) को खरीदने या...
Read moreDetails