Gujarat Patrika

प्रधानमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री जसवंत सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री जसवंत सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री...

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श्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रमुख पर्यटक शहरों के लिए 100% स्वच्छ ईंधन अपनाने का आह्वान किया, उन्होंने विश्व पर्यटन दिवस पर बैठक को संबोधित किया

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन राज्य...

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पर्यटन मंत्रालय ने आज वर्चुअल तरीके से विश्व पर्यटन दिवस मनाया

पर्यटन मंत्रालय ने आज वर्चुअल मंच के माध्यम से विश्व पर्यटन दिवस मनाया। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात...

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एनसीडीसी ने खरीफ सत्र 2020-21 के दौरान राज्यों को एमएसपी प्रक्रिया के लिए सहायतार्थ पहली किस्त के तौर पर 19444 करोड़ रुपये की मंजूरी दी

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सर्वोच्च वित्तीय संगठन राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने छत्तीसगढ़,हरियाणा और तेलंगाना राज्यों को न्यूनतम समर्थन...

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया।...

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शिक्षक पर्व पहल के तहत प्रभावी प्रशासन और मानक संचालन पर राष्ट्रीय वेबिनार

शिक्षा मंत्रालय द्वारा 24 सितंबर 2020 को प्रभावी प्रशासन और मानक संचालन पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस सत्र के लिए लक्षित लाभार्थी समूह में प्री-स्कूल और लोअर प्राइमरी शिक्षक, स्कूलों के प्रमुख, माता-पिता तथा सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभाग शामिल थे। शिक्षकों को सम्मानित करने और नई शिक्षा नीति-2020 को आगे बढ़ाने के लिए 8 सितंबर से 25 सितंबर 2020 तक शिक्षक पर्व मनाया जा रहा है। एनआईईपीए के वाइस चासंलर प्रो. एन. वी. वर्गीज; डीटीई एनसीईआरटी के असिस्टेन्ट प्रोफेसर डॉ. के. विजयन; डीईपीएफई एनसीईआरटी के डीन रिसर्च एंड हेड प्रो ए. के. श्रीवास्तव और राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जहांगीराबाद, भोपाल की प्रधानाध्यापिका डॉ. ऊषा खरे इस कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं में शामिल थे। प्रो. वर्गीज ने मानक संचालन और प्रमाणन के मौजूदा मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने प्रस्तुति के दौरान विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी। प्रो. वर्गीज ने कहा कि कई देशों की प्रवृत्ति महत्वाकांक्षी मानकों को निर्धारित करने और फिर जवाबदेही को मापने के लिए इन मानकों का उपयोग करने की है। यह सुनिश्चित करने के लिए ही मानकों का उपयोग किया जाता है कि शिक्षक और स्कूल जिम्मेदार हैं तथा शिक्षण व अध्ययन की प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 ने स्कूलों में सुविधाओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 ने कक्षाओं में सुविधाएं बढ़ाने की मांग रखी। यह 1990 का दशक ही था जबकि सीखने के न्यूनतम स्तर की अवधारणा सबसे आगे आ गई। उन्होंने कहा कि दो प्रमुख मुद्दे थे जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता थी। पहला, छात्र वह नहीं सीख रहे हैं जो उन्हें सीखना चाहिए। दूसरा, विभिन्न विद्यालयों में छात्र जो सीख रहे हैं, उसमें व्यापक भिन्नता है। आमतौर पर, सर्वेक्षण बताते हैं कि ज्यादातर निजी स्कूल, केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों के अलावा सरकारी स्कूलों से बेहतर प्रदर्शन करते हैं। विश्व स्तर पर, स्कूली शिक्षा में सीखने पर जोर देने के लिए एक बदलाव किया गया है। इससे स्कूलों पर दबाव बना है। माता-पिता अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना पसंद करते हैं। प्रो. वर्गीज ने कहा कि समय के साथ स्कूलों और छात्रों के बेहतर प्रदर्शन के लिए समाज की मांग बढ़ी है। प्रो. श्रीवास्तव की प्रस्तुति राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) स्कूल परिसरों की सिफारिश और इसके कार्यान्वयन पर केंद्रित रही। मुख्य सिफारिशें- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल परिसरों और समूहों के लिए इस प्रकार हैं- ·         राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा 2025 तक स्कूलों के विद्यालय परिसरों में समूहीकरण। ·         सभी विषयों के लिए पर्याप्त संख्या में परामर्शदाता और शिक्षक सुनिश्चित करना। ·         पर्याप्त संसाधन इकट्ठा करना (प्रयोगशाला, कला, खेल उपकरण)। ·         अलगाव को दूर करने के लिए स्कूलों के बीच समुदाय की भावना का विकास करना। ·         सीडब्ल्यूडी के लिए स्कूलों के बीच सहयोग का आग्रह। ·         स्कूलों के समूह के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया। विद्यालय परिसर के कार्य ·         सामूहिक स्तर पर विद्यालयों के सुधार और उन्हें कुशल प्रशासन में लाने के लिए शक्ति के विकेंद्रीकरण का उद्देश्य। ·         स्कूल शिक्षा निदेशालय विद्यालय परिसरों के अधिकार को विकसित करेगा और इसे अर्ध-स्वायत्त इकाइयों के रूप में माना जाएगा। ·         डीईओ और बीईओ विद्यालय के साथ बातचीत करेंगे। ·         विद्यालय परिसर को एकल इकाई के रूप में माना जाता है और कुछ कार्यों को करने के लिए स्वायत्ता दी जाएगी।...

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बिहार विधान परिषद के लिए 4 स्नातक और 4 शिक्षक चुनाव क्षेत्रों का द्विवार्षिक चुनाव

बिहार में 4 स्नातक और 4 शिक्षक चुनाव क्षेत्रों के लिए कुल 8 विधान परिषद सदस्यों के कार्यकाल पूरा होने...

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रक्षा उद्योग में वैश्विक पहुँच बनाने के लिए सहयोगपूर्ण साझेदारी हेतु कंबोडिया के साथ वेबिनार और प्रदर्शनी का आज आयोजन हुआ

भारत और कंबोडिया के बीच आज एक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का विषय "सहयोगपूर्ण साझेदारी के लिए भारतीय...

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दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के स्थापना दिवस को “कौशल से कल बदलेंगे” कार्यक्रम के रूप में मनाया गया

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज अंत्योदय दिवस के अवसर पर दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) का स्थापना...

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