“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
मेरा किया धरा फ़िज़ूल हैं क्या? मेरे सजदों में कोई भूल हैं क्या? देखते हैं, देखते ही नोच लेते हैं, ...
Read moreDetailsतेरे दूर जाने का ज़हर पी गया था, हैरत में हूँ कि मैं फिर जी गया था! उन्हीं गलियों में ...
Read moreDetailsआंसुओ की बारिश निकली थी, खुद ही की साजिश निकली थी। यु जनाजा निकला था उनका, कि कफ़न में ख्वाइश ...
Read moreDetailsप्यास दिला कर प्यासा छोड़ दिया, फिर झूठा सा बहाना छोड़ दिया! आप ने हम से रिश्ता तोड़ दिया, हम ...
Read moreDetailsए कुदरत ! तेरा आज़माना नहीं देखा, इक ज़माना हो गया ज़माना नहीं देखा। तेरी बाहों के सिवा ठिकाना नहीं ...
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