“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
एक चाँद तुम्हारी खिड़की के आसमान पर है जो तुम्हें बेहद प्यारा लगता है जिसे देखकर तुम्हें तुम्हारी प्रेमिका याद ...
Read moreDetailsजनवरी का महीना है आधी रात से ऊपर का वक्त सन्नाटा लगा रह है गश्त झन्न बोल रही है उसकी ...
Read moreDetailsकिसी तरह अस्तित्व-रक्षा में लीन ठिकाना मालूम नहीं है अपना कभी रेलगाड़ी में कभी चौराहे पर तो कभी किसीके द्वार ...
Read moreDetailsहल्की बूँदा-बाँदी में भी लपेट ली है उसने शाल काली, मैली शाल देह पर डाले झुर्रियों वाले मुँह से झरती ...
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