<p class="p1">उनकी ख़ैरो<span class="s1">-</span>ख़बर नहीं मिलती हमको ही ख़ासकर नहीं मिलती</p> <p class="p1">शायरी को नज़र नहीं मिलती मुझको तू ही अगर नहीं मिलती</p> <p class="p1">रूह में<span class="s1">, </span>दिल में<span class="s1">, </span>जिस्म में दुनिया ढूंढता हूँ मगर नहीं मिलती</p> <p class="p1">लोग कहते हैं रूह बिकती है मैं जहाँ हूँ उधर नहीं मिलती</p> <p class="p1"><em><strong>कुमार विश्वास</strong></em></p>