रेल मंत्रालय ने मोबाइल कैटरिंग सेवा को लेकर सोमवार को आईआरसीटी को बड़ा निर्देश जारी किया है। रेलवे ने कंपनी से कहा है कि वह मोबाइल कैटरिंग के सारे कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दे। बता दें कि भारतीय रेलवे का कैटरिंग बिजनेस इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी ) ही संभालता है। गौरतलब कि भारतीय रेलवे ने यह कदम मद्रास हाई कोर्ट में इससे जुड़ा मसला उठने के बाद उठाया है, जहां से रेलवे को चार हफ्तों के अंदर कोई समाधान निकालने को कहा गया था। गौरतलब है कि मोबाइल कैटरिंग से जुड़े लोग इस सेवा को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे थे।
आईआरसीटीसी को मोबाइल कैटरिंग सेवा कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने के निर्देश
लाइवमिंट डॉट कॉम की एक खबर के मुताबिक रेलवे की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ‘आईआरसीटीसी को निर्देश दिया जाता है कि मोबाइल कैटरिंग (अभी निलंबित है) के सारे मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट रद्द करे, जिसमें मौजूदा नियमों और शर्तों के मुताबिक बेस किचेन में तैयार भोजन यात्रियों को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है।’ इस बयान में आगे कहा गया है कि ‘आईआरसीटी को यह भी निर्देश दिया जाता है कि इस केस को महामारी से पैदा हुए हालातों के मद्देनजर अपवाद के तौर पर ले और इसे कॉन्ट्रैक्टर की गलती की तर्ज पर ना ले और इसी के तहत उसपर कैटरिंग सेवा नहीं उपलब्ध करवा पाने के लिए कोई दंड भी ना लगाए और उचित बकाया का हिसाब चुकता कर/यदि कोई है, तो सिक्योरिटी डिपॉजिट और पूरा एडवांस फीस भी वापस कर दे। ‘
VR Niti Sejpal





















