कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस ने लोगों में चिंता और दहशत कई गुना बढ़ा दी है. हालांकि विशेषज्ञों ने कहा है कि व्हाइट फंगस जैसी कोई बीमारी नहीं है। कुछ और नहीं बल्कि Candidiasis ही है।
कैंडिडिआसिस (Candidiasis) किसी भी प्रकार के कैंडिडा (एक प्रकार का यीस्ट) के कारण होने वाला एक फंगल संक्रमण है। जब यह केवल मुंह को प्रभावित करता है, तो कुछ देशों में उसे थ्रश कहा जाता है। इसके लक्षणों में जीभ या मुंह और गले के आसपास सफेद धब्बे आना शामिल है। इसके अलावा इसके कारण दर्द और निगलने में भी समस्या हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस रिपोर्ट का कोई आधार नहीं है व्हाइट फंगस ब्लैक फंगस से ज्यादा खतरनाक है. ब्लैक फंगस से ग्रसित रोगियों का इलाज कर रहे बॉम्बे हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ.कपिल सालगिया कहते हैं कि म्यूकोर माइकोसिस (mucormycosis) ज्यादा आक्रामक है और इससे साइनस, आंखों, मस्तिष्क को बहुत नुकसान हो सकता है. इसके लिए बड़ी और मुश्किल सर्जरी करनी पड़ती हैं. साथ ही इसके इलाज में जरा सी देरी मरीज की जान ले लेती है. वहीं कैंडिडिआसिस का आसानी से इलाज किया जा सकता है और ज्यादातर मामलों में इससे मरीज की जान को खतरा नहीं होता है. हालांकि इसमें भी समय पर और सही इलाज करना बहुत जरूरी है।
VR Niti Sejpal.





















