टेक्नॉलजी और नवाचार दुनिया में तेजी से मेटल और मिनरल विकास का रूप बदल रहे हैं, और व्यापार संचालन का एक स्थायी सोल्यूशंस लाकर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड इस परिवर्तन में अग्रणी है। कंपनी का जल्द ही बनने वाला दोसवाड़ा जिंक तटीय स्मेल्टर, एक अत्याधुनिक और पर्यावरण सरंक्षण के अनुकूल संयंत्र होगा, जोकि विश्व की बेहतरीन तकनीक के साथ जीरो हार्म, जीरो डिस्चार्ज और जीरो वेस्ट को सुनिश्चित करेगा।
हिन्दुस्तान जिं़क हमेशा अपने हितधारकों के लिए समग्र समृद्धि के लिये प्रयासरत है। देश को आत्मनिर्भर बनाने की ओर कदम के रूप में व्यापार का विस्तार कर देश एवं दक्षिण पूर्व एशियाई बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्मेल्टर तटीय क्षेत्र के निकट स्थापित किया जा रहा है। स्मेल्टर की विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत लोगों के कौशल विकास कर आय में वृद्धि तथा समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है, इस दिशा में, समाज की तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुछ पायलट कार्यक्रम जैसे, स्थानीय रोजगार का निर्माण, मोबाइल स्वास्थ्य इकाई, कोविड राहत, प्राकृतिक संसाधन निर्धारण अध्ययन, जल संचयन संरचना की मरम्मत, महिला सशक्तिकरण, सोलर लाइट्स लगाना इत्यादि तथा आरआरए (रैपिड ग्रामीण मूल्यांकन), जैसी पहल की जा चुकी हैं।
हिंदुस्तान जिं़क विश्व का दूसरा सबसे बड़ा एकीकृत उत्पादक है। जिंक, एक उपयुक्त नॉन-फेरस मेटल है, जिसे सार्वजनिक रूप से हमारे दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण आवश्यकता के रूप में जाना जाता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल और हार्डवेयर इंडस्ट्रीज में जिंक का मुख्य रूप से गैल्वनीकरण और डाई-कास्टिंग के लिए उपयोग किया जाता है। जिंक स्टील को जंग लगने से बचाता है और इसका उपयोग कार बॉडी, स्ट्रीट लैंप पोस्ट, सुरक्षा अवरोध और सस्पेंशन ब्रिज के लिए किया जाता है। सौंदर्य, स्वास्थ्य, कृषि, एवं नवीनतम एप्लीकेशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भी जिं़क मेटल उपयोग में लिया जाता है। यह एक ऐसा मेटल है जो जंग को रोककर संपत्ति को लंबी उम्र देता है और लोगों की व राष्ट्रीय संपत्ति की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
मनुष्य के शरीर में जिंक की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाता है, यह घावों को ठीक करना, रक्त का थक्का, और थायरॉइड को कार्यान्वित करता है, साथ ही,बच्चे के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्व ने कोविड-19 महामारी के दौरान जिंक की शक्ति को महसूस किया और संक्रमण के उपचार और वायरस से बचाव और राहत के लिये महत्वपूर्ण पाया गया।
भारत में कई दशक से जिंक का खनन किया जाता रहा है और हिंदुस्तान जिंक एक लीडर के रूप में अयस्क से धातु तक की यात्रा को एक स्थायी और सुरक्षित तरीके से करने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत और प्रतिबद्ध है। कंपनी ने कार्य के निष्पादन में हमेशा कर्मचारियों और समुदाय की सुरक्षा और हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कुछ केंद्रित कार्य जैसे, अनुपयोगी उत्पाद को पुनरूपयोग योग्य बनाना ताकि उन उत्पादों का
उपयोग किसी नए क्षेत्र में किया जा सकें। कंपनी केविशेषज्ञ प्रतिभाओं को सड़कों के लिए पेवर ब्लॉक बनाने हेतु नवीन तरीके से कचरे का उपयोग करने के लिए अमेरिकी पेटेंट भी मिला है। कंपनी ने जल का श्रेष्ठ और विवेकपूर्ण उपयोग कर पुर्नउपयोग से जल सरंक्षण को बढ़ावा दिया है। हिंदुस्तान जिंक एक सर्टिफाइड 2.41 गुना वाटर पाजिटिव कंपनी है। जिससे पानी की निकासी से कहीं अधिक उसकी उपलब्धता होती है। एक जागरूक कदम के रूप में, अपने मौजूदा संचालित संयंत्रों में, कंपनी शहर के सीवरेज का उपचार कर, उपचारित पानी का प्रयोग प्लांट चलाने के लिए करती है जिससे शुद्ध जल की खपत में भारी कमी आती है।
सुदृढ़ और प्रतिबद्धसंचालन के लिए, कंपनी द्वारा भूजल या सतही जल की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) जैसे विशेष आचारों का पालन किया जाता है। इन सर्वोत्तम वैश्विक प्रथाओं में से प्रत्येक के पीछे कंपनी का मुख्य उद्देश्य और प्रतिबद्धता उकई बांध की स्थानीय जरूरतों और ईको सिस्टम को बाधित किए बिना परियोजना के लिए जल की आवश्यकता को पूरा करना है। कंपनी संयंत्र परिसर में उपयुक्त ग्रीनबेल्ट का निर्माण करेगी।
इन दूरदर्शी उपायों का उद्देश्य मनुष्यों, पशुपक्षी और प्राकृतिक जीवन की किसी भी प्रकार के पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करना है। हिंदुस्तान जिंक ने न केवल पर्यावरण स्थिरता के उच्च अन्तराष्ट्रीय स्टैन्डर्ड के अनुसार संचालन किया है बल्कि कई बार इन स्टैन्डर्ड को प्रतिस्थापित भी किया है। कंपनी उत्सर्जन दिशानिर्देशों के सम्बन्ध में यह आशस्वत करती है कि यह विश्व स्तर पर तथा स्वीकृत सरकारी आंकड़ों में सबसे न्यूनतम स्तर पर है। इसके पीछे कंपनी कामुख्य उद्देश्य राष्ट्र की
सेवा करना और समाज और हितधारकों के हितार्थ हेतु कार्य करना और देश में लागू स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय कानूनों का पालन करना है। मेटल और मिनरल क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की आधार शिलाओं में से एक है और राज्य के राजस्व, रोजगार और सामाजिक जीवन को संवृद्धि में प्रमुख योगदान देती है। बेहतर कल के लिए सतत और समग्र विकास ही एक सुरक्षित जीवन का मार्ग है।





















