प्रोविडेंस, वैश्विक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 170 साल पुराना नॉन प्रोफिट संगठन है जिसकी भारतीय इकाई ‘प्रोविडेंस इंडिया’ योजनात्मक इंजीनियरिंग एवं नवीनता के साथ काम करती है । सेवा के मूल सिद्धांतों पर स्थापित, प्रोविडेंस का उद्देश्य डिजिटल रूप से सक्षम स्वास्थ्य प्रणाली बनकर स्वास्थ्य सेवा में सुधार करना है। हैदराबाद में प्रोविडेंस ग्लोबल इन्नोवेशन सेंटर में काम करने वाले इंजीनियर और टीम के अन्य प्रमुख सदस्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रोविडेंस इंडिया ने स्टाफ और समाज के लिए कोविड से निपटने में मदद करने वाली विशेष योजनाओ की घोषणा की।
प्रोविडेंस द्वारा शुरू की गई यह सुविधाएं इसकी कार्य संस्कृति के अनुरूप हैं जो अपने संचालन में कार्मिकों को सबसे अधिक महत्व देता है। बुजुर्गों की देखरेख, शोक अवकाश, अप्रतिबंधित कोविड केयर अवकाश, होम क्वारंटाइन कवरेज और आपातकालीन वित्तीय सहायता जैसी अद्वितीय स्वास्थ्य और कल्याण पहल की शुरुआत करने का प्रोविडेंस का उद्देश्य सभी की देख-रेख सुनिश्चित करना है। संगठन कार्मिकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए टीकाकरण अभियान भी संपन्न कर रहा है ।
कर्मचारियों द्वारा बनाए गए इमरजेंसी कोविड सपोर्ट ग्रुप के बारे में बात करते हुए, श्री मुरली कृष्णा, एसवीपी और भारत के कंट्री हेड कहते हैं, ‘सहायता के अभाव में कोई भी तकलीफ न सहे, यह विचार ही हमारा मार्गदर्शन करता है। इसलिए हमने सहायता के लिए आने वाले अनुरोधों को पूरा करने के उद्देश्य से एक आपातकालीन सेवा दल का गठन करने के लिए अपने संसाधनों को एकत्र किया। हमारे प्रयास उन लोगों के संघर्षों को कम करने पर केंद्रित थे जो स्वयं और अपने प्रियजनों को कोविड से बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। मानवता की भावना इससे अधिक मजबूत नहीं हो सकती थी और सेवा करने की संभावनाएं अनंत थीं’।
इसके अलावा, स्टाफ और उनके परिवार को ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श, डिस्काउंट जांच और दवाओं को ऑर्डर करने के लिए हैल्थकेयर मैनेजमेंट एप उपलब्ध कराया । कार्मिक केयरगिवर असिस्टेंस प्रोग्राम (CAP) की सहायता से योग्य मनोचिकित्सकों द्वारा 24×7 परामर्श ले सकते हैं।
प्रोविडेंस इंडिया ने वैश्विक टीमों की साझेदारी से, सेल्फ केयर और फैमिली केयर को प्राथमिकता देते हुए चल रही योजनाओं को पुन: निर्धारित किया। मई माह स्वास्थ्य माह के रूप में मनाया गया। इस माह में लोगों को अपने स्वास्थय के प्रति जागरूकता लाने के लिए एक्सपर्ट द्वारा कॉन्फ्रेंस किए गए। मेंटल हैल्थ पर भी विशेष कार्यकर्मों का आयोजन किया गया। ‘नो मीटिंग डे’ और “वेलनेस डे’ अवकाश की घोषणा की गयी, जिनसे कार्मिकों को राहत मिली।
प्रोविडेंस इंडिया की सीएचआरओ मिस लेस्ली पिम ने कहा, “प्रोविडेंस में, लोग ही हमारे संगठन के दिल की धड़कन हैं, इसलिए उनके पूर्ण कल्याण के लिए सहायता करना और उनकी भलाई का ध्यान रखना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये ही प्रोविडेंस का मूल सिद्धांत है और इसी सिद्धांत के साथ हम अपने लक्ष्य की और आगे बढ़ेंगे’।
श्री मुरली कृष्णा आगे कहते हैं, ‘सहानुभूति और करुणा उन मूल्यों में से हैं जो प्रोविडेंस की कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। ये पहल सुनिश्चित करती हैं कि हम न केवल काम पर बल्कि काम से परे भी कार्मिकों का अच्छी तरह से ख्याल रख सकें। हमारा निरंतर प्रयास रहता है कि हम अपने स्टाफ को अपनेपन की भावना का अनुभव और आश्वासन दें’।
प्रोविडेंस इंडिया स्थानीय गैर सरकारी संगठनों, अस्पतालों और सोसाइटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल (एससीएससी) के सहयोग से समाज के कल्याण में भी योगदान दे रहा है ताकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों, चिकित्सा संबंधी सामग्रियों की आपूर्ति, डिस्पोजेबल और वेंटिलेटर सहित तत्काल आपात स्थिति को संभालने में मदद मिल सके। प्रोविडेंस इंडिया ने हाल ही में एससीएससी और अन्य कंपनियों के साथ हाईटेक सिटी, हैदराबाद में 100-बिस्तर कोविड केयर सेंटर की स्थापना के लिए अपना सहयोग दिया था।
प्रोविडेंस के बारे में:
अमेरिका की सबसे बड़ी गैर-लाभकारी स्वास्थ्य प्रणाली में से एक प्रोविडेंस, सभी के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण, करुणामय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘स्वास्थ्य एक मानव अधिकार है’ और ‘बेहतर दुनिया के लिए स्वास्थ्य’ इन लक्ष्यों से प्रेरित प्रोविडेंस अपने 120,000 कार्मिकों के साथ सभी को उत्तम देख-रेख और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास करता है।
प्रोविडेंस के पास अमेरिका में 52 अस्पतालों, 1,000+ केयर क्लीनिकों, वरिष्ठों के लिए सेवाओं, सहायक आवास और अन्य स्वास्थ्य और शैक्षिक सेवाओं का नेटवर्क है।
प्रोविडेंस इंडिया की स्थापना हेल्थकेयर इकोसिस्टम को रचनात्मक बदलाव से हेल्थ 2.0 में लाने के लिए की गई थी। भारत स्थित यह केंद्र हैल्थकेयर टेक्नोलोजी और इनोवेशन के क्षेत्र में केंद्रित प्रयास करेगा। इसके अतिरिक्त यह बेहतर अनुभवों, स्वास्थ्य सेवकों की दक्षता और बड़े पैमाने पर प्रोविडेंस के व्यवसाय को चलाने के लिए डिजिटल परिवर्तन को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





















