विश्व कल्याण दिवस (जो हर वर्ष जून महीने के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है) से ताल-मेल बिठाते हुए हार्टफुलनेस संस्थान समूह ने इस तनावपूर्ण समय में जरूरतमंदों के लिए कोविड सम्बन्धी सलाह और फ़ोन द्वारा चिकित्सकीय सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “वॅाइस दैट केयर्स” नामक हेल्पलाइन के साथ “हेल्थकेयर बाई हार्टफुलनेस” नाम से कोविड केयर ऐप का शुभारम्भ किया है| यह निःशुल्क सेवा हार्टफुलनेस संस्थान के 1500 से अधिक हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों और पेशेवर चिकित्सकों द्वारा संचालित की जा रही है| “हेल्थकेयर बाई हार्टफुलनेस” का लोकार्पण भारत बायोटेक इंटरनेशनल की संयुक्त प्रबंध निर्देशक श्रीमती सुचित्रा इला एवं हार्टफुलनेस मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने किया|
इस कठिन समय में टेली-चिकित्सा का सहारा -सहायता चाहने वालों की समय पर मदद के साथ सही चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करेगा एवं परामर्श पाने की कठिनाइयों को भी कम करेगा| डॉक्टर से टेलीफोनिक परामर्श तक आसान पहुँच मौजूदा स्वास्थ्य-तंत्र पर अतिरिक्त भार को कम करेगी|
भारत बायोटेक इंटरनेशनल की संयुक्त प्रबंध निर्देशक श्रीमती सुचित्रा इला ने इस ऐप का लोकार्पण करते हुए कहा, “मैं इस पहल का हिस्सा बनकर सम्मानित एवं आभारी महसूस कर रही हूँ| मैं हार्टफुलनेस संस्था एवं इसके स्वयंसेवकों की सराहना करती हूँ जिन्होंने इसे संभव बनाया| मुझे विश्वास है कि यह ऐप लोगों तक उचित चिकित्सकीय जानकारी पहुँचाने में सफल होगा जिसकी आज के समय में बहुत जरूरत है| यह पहल इस ऐप का उपयोग करने वाले हर परिवार की आने वाले समय में बहुत मदद करेगी|”
इस पहल के बारे में बताते हुए हार्टफुलनेस के वैश्विक मार्गदर्शक श्री कमलेश डी पटेल, जिन्हें दाजी के नाम से भी जाना जाता है, ने कहा, “हार्टफुलनेस में हम समाज को मजबूत बनाने हेतु हमेशा संकल्पित हैं| मानवता को साधनों और चिकित्सकीय सलाह के सम्बन्ध में आज हमारे सहयोग की जरूरत है| मैं सभी हार्टफुलनेस स्वयंसेवकों एवं चिकित्सकीय पेशेवरों का आभारी हूँ जिन्होंने इस पहल को संभव बनाया| इस कठिन समय में हम सब मिलकर एक सकारात्मक प्रभाव डालने की आशा करते हैं|”
पिछले वर्ष शुरू की गई “वॅाइस दैट केयर्स” एक टोल-फ्री हेल्पलाइन है जो लोगों को भावनात्मक अशांति एवं तनाव के समय में अपनी बात कहने का अवसर देकर मदद करती है| ऐप के शुभारम्भ के साथ ही कोविड सम्बन्धी सलाह एवं टेली-मेडिसिन सहयोग प्रदान करने के लिए इस हेल्पलाइन का विस्तार भी किया गया है| हेल्पलाइन को आजकल लगभग 12000 से 15000 कॉल्स प्रति माह मिलने की अपेक्षा रहती है| विश्वभर के डॉक्टर्स, समन्वयक और स्वयंसेवक इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे तथा Healthcare@heartfulness.org को ईमेल कर अपनी सेवाएँ प्रस्तुत करेंगे|
“वॅाइस दैट केयर्स” कई शहरों में वहाँ की क्षेत्रीय भाषा में मदद कर रही है, जिसमें अंग्रेजी, हिंदी, तेलुगु, बंगाली, मराठी आदि कई भाषाएँ शामिल हैं| उपयोगकर्ता कोविड परामर्श या अन्य किसी चिकित्सकीय सलाह के लिए ऐप के अलावा 1800-121-3492 पर भी फ़ोन कर सकते हैं|
गत वर्ष हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट एवं श्री रामचंद्र मिशन (SRCM) ने ‘Breath safe’ नाम से N–95 मास्क वितरण का एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जो भारत में ऐसे विशालतम कार्यक्रमों में से एक था| उन्होंने 14 राज्यों के 38 केन्द्रों में मेडिकल वर्कर्स को 7 लाख N–95 मास्क और 2500 से अधिक पीपीई किट्स प्रदान किए| इस पहल के दौरान विस्थापित मजदूरों को 1.5 लाख से अधिक भोजन एवं खाद्य सामग्री के पैकेट भी वितरित किये गए| अब तक हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट तथा ROCF मिलकर पूरे देश में 10 लाख से अधिक ऐसे पैकेट वितरित कर चुके हैं|
हार्टफुलनेस के बारे में – हार्टफुलनेस ध्यान के सरल अभ्यासों और जीवन शैली में परिवर्तन को सरल ढंग से प्रस्तुत करने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले बीसवीं सदी के आरम्भ में की गई| भारत के हर ह्रदय में शांति, प्रसन्नता और बुद्धिमत्ता लाने के उद्देश्य से 1945 में श्रीरामचन्द्र मिशन के नाम से यह संस्थान औपचारिक रूप से प्रारंभ हुआ जो बाद में एक आध्यात्मिक शिक्षण केंद्र बन गया| हार्टफुलनेस अभ्यास, योग के आधुनिक रूप हैं तथा एक उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर पहले कदम में ही संतुष्टि, आंतरिक शांति एवं स्थिरता, करुणा, साहस तथा वैचारिक स्पष्टता ले आते हैं| ये सरल अभ्यास सभी समुदायों, धर्मों एवं आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़े 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए आसानी से अपनाने योग्य हैं| हजारों स्कूलों और कालेजों में हार्टफुलनेस अभ्यास का प्रशिक्षण लगातार जारी है| विश्व भर से विभिन्न कार्पोरेट्स, शासकीय और अशासकीय प्रतिष्ठानों के एक लाख से अधिक प्रोफेशनल्स यह ध्यान कर रहे हैं| 160 से अधिक देशों के 5000 से भी अधिक हार्टफुलनेस केन्द्रों में हजारों स्वयंसेवी प्रशिक्षकों द्वारा लाखों अभ्यासियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है|





















