केरल स्थित अमृता स्कूल ऑफ़ फ़ार्मसी, अमृता विश्व विद्यापीठम (अमृता
विश्वविद्यालय) का एक अभिन्न हिस्सा है। भारत के सर्वोच्च 20 फ़ार्मा स्कूलों में स्थान रखनेवाले अमृता स्कूल
ऑफ़ फ़ार्मसी ने साल 2021-2022 के शिक्षा सत्र के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले की प्रक्रिया को
आरंभ करने का ऐलान कर दिया है। इच्छुक छात्र https://www.amrita.edu/admissions/pharmacy के ज़रिए
ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने और फ़ीस भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2021 है।
अमृता स्कूल फ़ार्मसी की ओर से फिलहाल बी. फ़ार्म (बैचलर ऑफ़ फ़ार्मसी), बी फ़ार्म (बैचलर ऑफ़) लैटरल एंट्री,
फ़ार्म डी. (डॉक्टर ऑफ़ फार्मसी), एम. फ़ार्म (मास्टर ऑफ़ फ़ार्मसी) पाठ्यक्रम : एम. फ़ार्म फ़ार्मास्युटिक्स, एम. फ़ार्म
फ़ार्मास्युटिकल केमिस्ट्री, एम. फ़ार्म फ़ार्मालॉजी और एम. फ़ार्म फ़ार्मसी प्रैक्टिक्स और फ़ार्म डी. पी. बी (पोस्ट
बैकरेलेट) जैसे पाठ्यक्रम पढ़ा जा रहे हैं।
संस्थान की ओर से पढ़ाए जा रहे सभी पाठ्यक्रमों को फ़ार्मसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया (PCI) और ऑल इंडिया
काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन (ACITE) द्वारा मान्यता प्राप्त है। अमृता स्कूल ऑफ़ फ़ार्मसी के बी. फ़ार्म कोर्स
को नैशनल बोर्ड ऑफ़ एक्रेडिशन (NBA) की ओर से तीन सालों (2017 से 2018 और 2018 से 2019 तक) के लिए
मान्यता मिली है। फ़िलहाल इसे फिर से मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया जारी है।
अमृता स्कूल ऑफ़ फ़ार्मसी केरल का एकमात्र ऐसा फ़ार्मसी संस्थान है, जिसका नाम देश के 20 सर्वोच्च फ़ार्मसी
कॉलेजों की सूची में शुमार है। इसे नैशनल एसेसमेंट ऐंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) द्वारा मान्यता और 'ए' दर्जा
हासिल है। उलेल्लखनीय है कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन आनेवाले नैशनल
इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ़्रेमवर्क द्वारा इस संस्थान को लगातार दो साल – 2019 और 2020 में सर्वश्रेष्ठ संस्थानों की
सूची में 15वां स्थान दिया गया है।
नए शिक्षा सत्र के लिए दाखिले की शुरुआत के ऐलान के मौके पर अमृता स्कूल ऑफ़ फ़ार्मसी की प्रधानाचार्या
सबिता एम. ने कहा कि स्कूल ना केवल फ़ार्मास्युटिकल साइंसेस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए बल्कि
अनुसंधान के क्षेत्र में भी अग्रणी रहने के लिए सतत प्रयत्नशील रहता है। उल्लेखनीय है कि यह स्कूल उच्च स्तर
के फ़ार्मसी प्रोफ़ेशनलों के लिए एक एक आदर्श मंच साबित हुआ है। यहां पर उच्च मानकों के अनुसार क्लिनिकल
प्रैक्टिस को अंजाम दिया जाता है और विभिन्न समुदायों के ज़रूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए
विशेष तरह के कार्यक्रमों के तहत उनसे संपर्क स्थापित किया जाता है। विभिन्न क्लीनिकल विभागों में अंडर-
ग्रेज्युएट छात्रों को अनुसंधान के लिए बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराने से लेकर उन्हें उच्च स्तर का प्रशिक्षण तक
मुहैया कराया जाता है।





















