भारतीय ओलम्पिक दल के लिए पुलेला गोपीचंद के सहयोग से बनी ‘ध्यान’ नामक संस्था
हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट के साथ सहभागिता कर रही है ताकि दल के बेहतर स्वास्थ्य और
तनाव प्रबंधन के साथ अपने खेल में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए ध्यान की आधुनिक तकनीकों
का उपयोग कर सके| अब खिलाड़ी और ‘ध्यान’ के अन्य उपयोगकर्ता हार्टफुलनेस ध्यान कार्यक्रम के साथ ध्यान
करते हुए इसकी गुणवत्ता को भी माप सकते हैं|
टोक्यो ओलम्पिक गेम्स 2020 के लिए भारतीय ओलम्पिक दल (IOA) के मेडिटेशन
सहभागी ‘ध्यान’ ने हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट के साथ अपनी सहभागिता की घोषणा की है| हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट
ने ‘ध्यान’ के साथ मिलकर बड़ी गहराई से इस विषय पर कार्य किया है कि हार्टफुलनेस ध्यान के सहज एवं सरल
अभ्यास, खिलाड़ी दल को अपने फोकस को पैना बनाये रखने एवं ऊर्जा स्तर को रिचार्ज करने में अच्छी तरह से
मदद करें|
हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट ने भारतीय प्रतिनिधि दल की आवश्यकतानुसार ध्यान अभ्यास भी तैयार किये हैं, जो
अंग्रेजी के अतिरिक्त खिलाड़ियों की अपनी क्षेत्रीय भाषाओँ हिंदी, तमिल, तेलुगु में भी उपलब्ध हैं| ये अभ्यास
खिलाड़ियों को पूरी तरह से तनावमुक्त बनाने और अपने हृदय पर केन्द्रित होकर डूब जाने की हार्टफुलनेस की
ख़ास तकनीक पर आधारित हैं|
‘ध्यान’ का कुशलता-वलय, जो ध्यान की गुणवत्ता पर नज़र रखता है अपने ध्यानाभ्यासों में आज से ही
हार्टफुलनेस ध्यान के सारे पहलुओं जैसे रिलेक्सेशन, ध्यान, सफाई, एवं आंतरिक जुड़ाव को भी शामिल करेगा|
‘ध्यान’ की टीम ने हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट के साथ मिलकर उनकी विशिष्ट तकनीकों द्वारा यह सुनिश्चित किया
है कि उपयोगकर्ताओं के मेडिटेशन की गुणवत्ता का सटीक आकलन हो सके|
भारतीय ओलम्पिक दल के महासचिव राजीव मेहता कहते हैं, “महामारी के जारी प्रकोप के परिप्रेक्ष्य में विभिन्न
तकनीकों को अधिक से अधिक अपनाते हुए हम प्रयासरत हैं कि भारतीय ओलम्पिक दल पर्याप्त रूप से स्वप्रेरित
तथा सुरक्षित महसूस करते हुए टोक्यो 2020 ओलम्पिक के खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके| ‘ध्यान’ के साथ
हमारी सहभागिता इसी दिशा में एक कदम है| मैं यह जानकर बहुत प्रसन्न हूँ कि ‘ध्यान’ ने ‘हार्टफुलनेस संस्था’
के साथ मार्गदर्शी ध्यान-सत्रों की योजना बनाई है साथ ही ये ध्यान-प्रयोग विभिन्न भारतीय भाषाओं में भी
उपलब्ध हैं| आधुनिक सूचना तकनीक माध्यमों का उपयोग करते हुए हमारे खिलाड़ियों का ध्यान प्रयोगों का यह
अनुभव उनके भावनात्मक स्तर को मज़बूत बनाते हुए उनकी तैयारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान
करेगा” |
पुलेला गोपीचन्द, निदेशक-‘ ध्यान’ एवं भारतीय बैडमिंटन दल के मुख्य कोच ने इस मौके पर बोलते हुए कहा,
“आजकल खिलाडी जहाँ हैं वहाँ परिस्थितियाँ आसान नहीं हैं| सर्वोच्च स्तर के इन खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का
दबाव शायद अपने आप में कम नहीं था कि महामारी के कारण ओलम्पिक खेलगांव में लागू किये गए और सतत
परिवर्तित हो रहे प्रतिबन्ध भी उनमें शामिल हो गए हैं, जो निश्चित रूप से खिलाड़ियों की मनोदशा को भी एक
सीमा तक प्रभावित करेंगे| हमें विश्वास है कि ध्यान के इन आवश्यकता अनुरूप तैयार किये गए सत्र एवं डाटा
तकनीक आधारित अभ्यास के सहयोग से, हमारा प्रतिनिधिमंडल अपने मानसिक स्वास्थ्य पर अपनी परीक्षा
की घड़ियों में बेहतर ढंग से फोकस बनाए रखेगा|”
भारतीय स्क्वैश खिलाडी तथा हार्टफुलनेस अभ्यासी तान्या खन्ना ने कहा, “प्रतिस्पर्धा के शीर्ष पर होने के लिए
खिलाड़ी केवल शारीरिक स्वास्थ्य के भरोसे नहीं रहता है| प्रतियोगिता से जुड़े उसके विचार और भावनाओं का भी
उस पर प्रभाव पड़ता है| हार्टफुलनेस ध्यान अभ्यास शुरू करने के पहले मैं नर्वस होने या कुछ अंक खो देने से,
मांसपेशियों में उत्पन्न हो रही जकड़न को नहीं समझ पाती थी| अब मैं इतनी जागरूक हूँ कि उन्हें दुरुस्त कर
लेने में सक्षम हूँ| हार्टफुलनेस अभ्यास से मैंने अपने भीतर स्थिर होने, तनावमुक्त होने तथा अपने जीवन और
प्रतिस्पर्धाओं में दक्षता प्राप्त करने में, बहुत सशक्त मदद पाई है|”
‘ध्यान’ का कुशलता-वलय, आपके माइंडफुल समय या वह समय जब आप ध्यान सत्रों में वास्तविक रूप से
फोकस्ड होते हैं, को मापने में सक्षम है| यह आपके हार्ट-रेट परिवर्तन (HRV) को निरंतर ट्रैक करके या दिल की दो
धड़कनों के मध्य अंतर को मापकर तथा प्रत्येक ध्यान सत्र के तीन मूल पहलुओं – श्वास की गुणवत्ता, फोकस एवं
तनावमुक्ति की दशा, के विश्लेषण के माध्यम से करता है|
‘ध्यान’ के प्रबंध निदेशक भैरव शंकर ने कहा, “हमें भारत की ध्यान जैसी अति प्राचीन समृद्ध परम्पराओं और
उन्हें जैव-चिकित्सकीय तकनीकों के माध्यम से और भी मजबूत किये जाने पर गर्व है| हार्टफुलनेस संस्थान के
द्वारा विशेषज्ञता से सामने रखे गए ध्यान एवं समग्र कल्याण के इन अभ्यासों और ‘ध्यान’ की जैविक टिप्पणी
(Biofeedback) कर पाने की सक्षमता, जो उपयोगकर्ता को उनकी ध्यानात्मक स्थिति के बारे में तुरंत फीडबैक
देती है, के सुखद संयोग से हमें पूर्ण विश्वास है कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल अब अपनी योग्यताओं का सर्वश्रेष्ठ
प्रदर्शन कर सकेगा|”
लम्बे समय से हार्टफुलनेस की अभ्यासी रही फिल्म अभिनेत्री तान्या मानिकतला ने बताया कि, “हार्टफुलनेस
ध्यान और तनावमुक्ति के कार्यक्रमों से मेरे विचारों और भावनाओं को नियंत्रित रखने में एक बड़ा बदलाव आया
है जिससे मेरा प्रदर्शन, विशेषकर मेरे व्यवसाय के उतार-चढ़ावों को सह पाने की मेरी क्षमता, में काफी सुधार हुआ
है| मैंने हाल के वर्षों में इसका प्रत्यक्ष प्रभाव देखा है और मैं आश्वस्त हूँ कि हमारे ओलम्पिक खेलों के
प्रतिनिधिमंडल को पुनरुज्जीवित (rejuvenate) करने में भी वही प्रभाव दिखेगा|”
हार्टफुलनेस संस्थान के ‘वर्तमान पर फोकस करें (फोकस ऑन नाउ)’ नामक वेलनेस सत्र, मूलत: भारतीय
प्रतिनिधिमंडल के टोक्यो प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए तैयार किये गए हैं| ये ध्यान के अन्य उपयोगकर्ताओं के
लिए उन्हें वर्तमान में उपस्थित होने और तनावमुक्त होने में उपयोगी हो सकते हैं|
अवन्तरी टेक्नोलॉजीज के बारे में:
अवन्तरी, भारत के अग्रणी स्टार्टस अप में से एक है, विशेषकर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डिजाइन,
इम्बेडेड सिस्टम्स, ऑगमेंटेड रियलिटी, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी तथा मिक्स्ड रियलिटी क्षेत्र
में| ‘ध्यान’ अवन्तरी का पहला स्वदेशी प्रोडक्ट है तथा भारत में ही डिजाइन कर निर्मित किया गया है|
अधिक जानकारी के लिए: https://www.avantari.org
ट्विटर: https://twitter.com/smartdhyana
हार्टफुलनेस क्या है- रूप से सिखाना शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य एक एक हृदय में शांति, ख़ुशी और
बुद्धिमत्ता का विकास करना था| ये अभ्यास योग के आधुनिक स्वरुप हैं जो संतुष्टि, आंतरिक शांति एवं
स्थिरता, करुणा, साहस तथा विचारों में स्पष्टता लेन के लिए बनाए गए हैं जिनकी मदद से एक उद्देश्यपूर्ण
जीवन की तरफ कदम बढ़ाए जा सकते हैं|
हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट के बारे में( www.heartfulness.org):
हार्टफुलनेस ध्यान की राजयोग पद्धति है जिसे ‘सहज मार्ग’ के नाम से भी जाना जाता है| इसे सबसे पहले
बीसवीं सदी के आरम्भ में विकसित किया गया और श्री रामचंद्र मिशन के नाम से 1945 में आधिकारिक रूप
दिया गया| हार्टफुलनेस आत्म-विकास और इस तीव्र गति से चलते संसार में आंतरिक शांति एवं स्थिरता पाने में
हमारी मदद करने के लिए सरल अभ्यासों का संग्रह प्रस्तुत करता है जिसे विश्व भर में कई लाख लोग आजमा रहे
हैं| ये पद्धतियाँ सरल और आसानी से अपनाये जाने लायक हैं और जीवन के हर क्षेत्र, संस्कृति, धार्मिक विश्वास
और आर्थिक स्थिति के लोगों के लिए उपयुक्त हैं, जिनकी उम्र 15 वर्ष से अधिक हो| हजारों स्कूलों और कॉलेजों
में हार्टफुलनेस के अभ्यास सिखाए जा रहे हैं और कार्यालयों, गैरसरकारी संस्थाओं एवं सरकारी कार्यालयों के
100,000 से अधिक कर्मचारी ध्यान कर रहे हैं| 160 से अधिक देशों के 5000 से अधिक ध्यान केन्द्रों में, जिन्हें
हार्टस्पॉट्स कहा जाता है, कई हजार सर्टिफाइड स्वयंसेवक ट्रेनर और 160 से अधिक देशों में लाखों अभ्यास करने
वाले हैं|





















