अहमदाबाद: कहा जाता है कि इंसान अपना शहर छोड़ सकता है, लेकिन अपने शहर का प्यार कभी उसके दिल से नहीं जाता। इस बात को चरितार्थ कर रहा है अहमदाबाद में बसे जूनागढ़ प्रेमियों और वरिष्ठ नागरिकों का ‘समरस’ (समानतापूर्ण) समूह – जेजे एक्सप्रेस (डोमवार)।

फुटपाथ से शुरू हुआ ‘कारवां’ जुलाई 2017 में वस्त्रापुर लेक गार्डन के फुटपाथ पर मात्र 6 दोस्तों की अनौपचारिक बैठक से शुरू हुआ यह सिलसिला आज एक विशाल परिवार बन चुका है। कुछ ही हफ्तों बाद यह बैठक गार्डन के डोम (गुंबद) में होने लगी। फेसबुक ग्रुप “जूनागढ़ी जमावट” पर जब इसकी रिपोर्ट साझा की गई, तो अहमदाबाद में बसे जूनागढ़ के अन्य लोग भी जुड़ने लगे। एक सदस्य के सुझाव पर इसे “जूनागढ़ एक्सप्रेस” (JJ Express) नाम दिया गया और डोम में बैठने के कारण रविवार की इस खास बैठक को ‘डोमवार’ की पहचान मिली।

समरसता की अनूठी मिसाल हर दूसरे और चौथे रविवार (चौथे रविवार को महिलाएं भी शामिल होती हैं) सुबह 9:30 बजे मिलने वाले इस समूह की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ‘समरसता’ है। सेवानिवृत्त जज, डॉक्टर, वैज्ञानिक, प्रोफेसर, सीए, कलाकार, लेखक या व्यापारी – यहाँ सभी अपने पद और रुतबे को किनारे रखकर केवल ‘जूनागढ़ प्रेमी’ के रूप में मिलते हैं। नियमित बैठकों में 30 से 100+ सदस्य आते हैं, और विदेशों से आने वाले 50+ जूनागढ़ प्रेमी भी इसका हिस्सा बनते हैं।

विविध गतिविधियां और ऐतिहासिक पड़ाव “गिरिवरैव कुटुम्बकम” और “गिरित्वाकर्षण” जैसे प्रेरणादायक लोगो (Logo) के साथ, यह ग्रुप कई रोमांचक गतिविधियां आयोजित करता है:
पुराने अहमदाबाद की फूड हेरिटेज वॉक और फोटोग्राफी प्रतियोगिता।
वस्त्रापुर से गांधी आश्रम तक वॉक, गांधीजी के प्रिय भजन, हेरिटेज क्विज और ‘तोरण’ रेस्टोरेंट में भोजन।
पाटन की रानी की वाव, मोढेरा सूर्य मंदिर और जूनागढ़ की 3-दिवसीय हेरिटेज यात्रा।
अहमदाबाद आर्ट गैलरी में सदस्यों की पेंटिंग्स की भव्य 2-दिवसीय प्रदर्शनी (225+ सदस्यों की उपस्थिति)।

लैंडमार्क सेलिब्रेशन्स:
100वां डोमवार: शिवानंद आश्रम में गाला डिनर के साथ भव्य उत्सव (250+ सदस्य)।
125वां डोमवार: टी-पोस्ट पर प्रसिद्ध कलाकार वृंदावन सोलंकी द्वारा लाइव पेंटिंग और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स की एक विशेष पुस्तक का विमोचन।
225वां डोमवार: वाइस चांसलर के निमंत्रण पर गीता जी की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी और ग्लास डिनर।
300वां डोमवार: रिवरफ्रंट बायोडायवर्सिटी पार्क वॉक और वनभोज (पिकनिक)।
सबसे बड़ी उपलब्धि: आज, 27 सितंबर 2026 को समूह अपना ‘डोमवार #323’ मना रहा है। जूनागढ़ की यादों को संजोए यह कारवां लगातार आगे बढ़ रहा है और जुलाई 2027 में ‘डोमवार’ अपनी स्थापना के गौरवशाली 10 वर्ष पूरे करेगा!





















