“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
पता नहीं चल पाता पर परेशानी हो रही है कुछ तो गडबड है, दाक्तर ने खुन का Report करवाने को...
Read moreDetailsएक चाँद तुम्हारी खिड़की के आसमान पर है जो तुम्हें बेहद प्यारा लगता है जिसे देखकर तुम्हें तुम्हारी प्रेमिका याद...
Read moreDetailsजनवरी का महीना है आधी रात से ऊपर का वक्त सन्नाटा लगा रह है गश्त झन्न बोल रही है उसकी...
Read moreDetailsमैं यू ही बहती रहती हूं मैं कभी ठहरती नहीं कभी कभी में कही जल्दी से गिरती कहीं मैं शांत...
Read moreDetailsकिसी तरह अस्तित्व-रक्षा में लीन ठिकाना मालूम नहीं है अपना कभी रेलगाड़ी में कभी चौराहे पर तो कभी किसीके द्वार...
Read moreDetailsकोई क़िस्त है जो अदा नहीं है साँस बाक़ी है और हवा नहीं है नसीहतें, सलाहें, हिदायतें तमाम प्रिस्क्रिप्शन है...
Read moreDetails"बहू बेटा रात को झाडू नहीं लगाते, घर पर कहीं देखा या फिर मम्मीने कुछ सिखाया नहीं क्या ?" सासुमां...
Read moreDetailsहल्की बूँदा-बाँदी में भी लपेट ली है उसने शाल काली, मैली शाल देह पर डाले झुर्रियों वाले मुँह से झरती...
Read moreDetailsप्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पंडित राजन मिश्रा के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। प्रधानमन्त्री ने एक ट्वीट में...
Read moreDetailsकभी सुना है तुमने उस गवई स्त्री के ठहाके में दर्द का अट्टहास जिसकी हकीकत में तीन बेटियाँ हो और...
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