“रामचरितमानस” – एक चौपाई
April 8, 2020
थोल पक्षी अभयारण्य
November 5, 2020
अगर मंजिल को पाना है तो सोचकर देखो, राहों को थोड़ा सा मोड़कर तो देखो, हाथों को थोड़ा चलाकर तो...
Read moreDetailsक्या लिखु तुमारे बारे में भाई ??? आसमान का चमकता सितारा हो तुम । हर बाग मै खिलता हुआ फूल...
Read moreDetailsकभी सन्नाटे की आवाज सुननी हो, तो मेरे दिल पे दस्तक देना। कभी नफरत की आग बुजानी हो, तो मुजे...
Read moreDetailsकंधे पे बक्सा लेके सड़कों पे घूमना है , अभी तो कुछ ख्वाब देखे है उसे पूरा करना है मुझे...
Read moreDetailsकाश तुम ये तन्हाइयो के रास्तो मे साथ होते । ये शाम की खूबसूरती एक नजर से देख रहे होते...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 13 अक्टूबर सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा...
Read moreDetailsआंधी आई बहुत जोर से । फिर भी खड़ी रही बड़े होश से । डाले टूट गई बड़ी आसानी से...
Read moreDetailsमेरा किया धरा फ़िज़ूल हैं क्या? मेरे सजदों में कोई भूल हैं क्या? देखते हैं, देखते ही नोच लेते हैं,...
Read moreDetailsपूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तावित और पेंगुइन द्वारा प्रकाशित 'असम की विरासत की खोज' शीर्षक से कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। ग्लेज़ पेपर पर चित्रों और तस्वीरों के साथ भारी-भरकम कॉफी टेबल बुक में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सबसे बड़े राज्य की विभिन्न जातीय और जनजातियों की विरासत, विश्वास और परंपराओं का एक महत्वपूर्ण संकलन प्रस्तुत किया गया है। डॉ जितेंद्र सिंह ने पुस्तक का विमोचन करते हुए इसके लेखक पद्मपाणी बोरा को बधाई दी, जो पेशे से भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस -2009 बैच) के अधिकारी हैं, लेकिन कई वर्षों से खुद को एक कुशल लेखक के रूप में स्थापित कर रहे हैं और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की बारीकियों को विविध विषयों के माध्यम से दर्शाते हैं। डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा,...
Read moreDetailsबापू फिर से आओना, इस देश को सही राह दिखाओना, बिगड़ रहे हैं तुम्हारे देश के बच्चे, उन्हें जरा अपनी...
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